कुछ लोगों की राष्ट्र-विरोधी सोच - देशद्रोही सोच


Posted on February 19, 2019 at 12:00 PM


anti-national देश विरोधी सोच

14 फरवरी 2019 को एक दुखद घटना हुई यह तो हम सभी को पता है देश में काफी आक्रोश था हर तरफ बदले की भावना थी लोगों में पाकिस्तान के प्रति काफी गुस्सा था गुस्सा इतना ज्यादा था कि इस बार कुछ प्रमुख विपक्षी पार्टिया चाह कर भी सरकार के खिलाफ कुछ बोल नहीं पा रही थी। वह सरकार को समर्थन तो दे रहे थे मगर अंदर से उन्हें कुछ जलन सी हो रही थी वह इस जलन को मिटाना चाहते थे इसलिए पहले तो उन्होंने अपने प्रवक्ताओं के द्वारा कुछ बयान दिलवाए। जैसे पहले प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस के एक बड़े प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने बयान दिया की मोदी सरकार के आने से देश में आतंकवादी घटनाएं बढ़ी है फिर दूसरा आया नवजोत सिंह सिद्धू के द्वारा जब उन्होंने पाकिस्तान को क्लीन चिट देते हुए कहा कि आतंकवाद का कोई मजहब या धर्म नहीं होता। हद तब हो गई जब एक अभिनेता कमल हसन ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को आजाद कश्मीर कहा और जम्मू कश्मीर में जनमत संग्रह की बात कर दी। तो ऐसा लगा की इतनी बड़ी दुखद घटना के बाद भी कुछ मुठी भर लोग पाकिस्तान का समर्थन कर रहे हो

फिर इंडिया टुडे ने एक लेख लिखा जिसमें इंडिया टुडे के पत्रकार ने आतंकवादी के मां बाप से बात कि और यह दर्शाने की कोशिश की कि जो कुछ उस लड़के ने किया वह एक तरफ से भारतीय सेना की करनी थी भारतीय सेना के कारण ही वो आतंकवादी बना मगर जब दाल नहीं गली और लोगों का नजरिया नहीं बदला तब इन लोगों ने एक नया प्लान खोजा इन्होंने एक झूठी अफवाह फैलाई और वह थी की देहरादून की एक हॉस्टल में 15 कश्मीरी लड़कियों को कुछ लोगों ने घेर लिया है और उनको बाहर निकलने नहीं दे रहे हैं।

सबसे पहले इस खबर को ट्वीट जेएनयू की एक लड़की शैला रशीद ने किया उसके बाद देखते देखते हमेशा की तरफ टुकड़े-टुकड़े गैंग के कुछ पत्रकार भी इस में कूद पड़े शैला रशीद के बाद बरखा दत्त और राजदीप सरदेसाई जैसे पत्रकार भी इसमें कुद पड़े राजदीप सरदेसाई ने तो यहां तक लिखा कि जिस किसी कश्मीरी को डर लग रहा है वह उन्हें सीधा संदेश भेज सकते हैं और उनके दरवाजे कश्मीरी मुस्लिम लड़कियों के लिए हमेशा खुले हैं, जब यह सब चल रहा हो तो एनडीटीवी कैसे चुप रहता एनडी टीवी की एंकर निधि राजदान ने भी एक ट्वीट किया जिसमें उन्होंने लिखा की कहीं हम बदले की आग में अपने ही भाई-बहन को तो नहीं मार रहे दरअसल यह सारा ट्वीट लोगों के नजरिए में बदलाव के लिए किया जा रहा था इन लोगों को लगने लगा कि अगर सरकार कुछ बड़ी कार्यवाई कर देती है तो वह लोगों की नजर में हीरो बन जाएगी और आने वाले चुनाव में उन्हें फायदा होगा इस डर से की सरकार कहीं कोई सख्त कदम ना उठाएं आतंकवादियों के खिलाफ पाकिस्तानियों के खिलाफ इन लोगों ने झूठी अफवाह फैलाना शुरू की है इन अफवाहों का खुलासा पहले तो सीआरपीएफ ने ट्वीट करके किया फिर उसके कुछ ही देर बाद उत्तराखंड पुलिस ने भी एक ट्वीट किया जिसमें उन्होंने लिखा कि सुबह से जो अफवाह फैलाई जा रही है देहरादून में कुछ कश्मीरी लड़कियों को कुछ युवकों ने घेर लिए है और उन्हें हॉस्टल से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं वह सरासर झूठ है हां कुछ युवक जरूर वहां पहुंचे थे और कुछ मतभेद भी हुए थे पर मामला इतना बड़ा नहीं था जितना कि उसे तूल दिया गया।

बात यहीं खत्म नहीं होती एक और वामपंथी विचारधारा के लेखक और टीवी कमेंटेटर जोगिंदर यादव ने भी tweet किया जिसमें उन्होंने यह कहा कि सीआरपीएफ और बीएसएफ को हेलीकॉप्टर के द्वारा एक जगह से दूसरी जगह क्यों नहीं ले जाया जाता है सरकार इसकी इजाजत क्यों नहीं देती है हालांकि कुछ ही देर बाद गृह मंत्रालय ने इस खबर को भी खारिज किया और कहा कि सरकार के तरफ से ऐसी कोई रोक नहीं है है मगर अब प्रश्न यह उठता है कि क्या ढाई हजार लोगों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए हेलीकॉप्टर सही साधन रहेगा नहीं यह एकदम उचित नहीं रहेगा आप 3-4 करके सैनिकों को एक जगह से दूसरी जगह अगर अपने ही देश में आप लेकर जाएंगे तो इससे आतंकवादियों के हौसले बुलंद होंगे उन्हें लगेगा कि देखो अब देश की सेना भी हमारे डर से सड़क के रास्ते से ना जाकर हवाई रास्ते से जा रही है दूसरी लोगों का भरोसा भी सैनिकों पर से उठने लगेंगा कल को वह भी कहेंगे कि हमें भी एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए हेलीकॉप्टर या प्लेन की व्यवस्था की जाए दूसरी बात यह है क्या कोई प्लेन या हेलीकॉप्टर हादसे की शिकार नहीं हो सकता क्या वहां आतंकवादी हादसा नहीं हो सकता इसलिए यह कहना कि आप अपने ही देश में सैनिकों को एक जगह से दूसरे जगह हेलीकॉप्टर या प्लेन के माध्यम से ले जाए सरासर गलत है।

सारे प्रयास बयान और मनगढ़ंत कहानियां का एक ही मकसद है किसी तरफ लोगों के नजरिया में बदलाव किया जाए लोगों के दिल में पाकिस्तान और आतंकवादियों के प्रति जो गुस्सा व्याप्त है उसे किसी भी तरह कम करना वह कम इसलिए नहीं करना चाहते कि उन्हें देश की जनता से हमदर्दी है बल्कि वह लोगों का नजरिया इसलिए बदलना चाहते क्योंकि उन्हें डर है और साथ ही यह एहसास भी है कि अगर लोगों के गुस्से को काबू में नहीं लिया गया और सही में भारतीय सेना पाकिस्तान से बदला लेने में कामयाब हो जाती है तो इसका असर आगामी लोकसभा चुनाव में पड़ेगा इसलिए भी कुछ देशद्रोही सोच रखने वाले लोग इस तरह के एक्टिविटी में लगे हुए है। देश को इस तरह के देशद्रोही सोच से ऊपर उठ कर सोचना होगा तभी हमारा देश सुरक्षित रहेगा और राष्ट्रीय हित सुरक्षित रहेगा। अगर हम इस तरह के सोच का प्रचार प्रसार सोशल मिडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से करेंगे तो हर गली में आपको एक कन्हैया कुमार जैसा देशद्रोही मिलेगा जो कहता फिरेगा भारत तेरे टुकड़े होंगे इंशाअल्लाह इंशाअल्लाह और भारत की बर्बादी तक जंग रहेगी, जंग रहेगी। सोचिए आपको कैसा देश चाहिए।

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