कितना झूठ बोलेंगे राहुल गांधी


Posted on February 1, 2019 at 6:00 PM


Rahul vs manohar parrikar

कल कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कोच्चि में अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए एक बात कही कि वह गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर परिकर से उनके निवास पर मिलने गए थे तो मनोहर परिकर ने उनसे एक बात कही कि रफाल डील के बारे में उनको कोई जानकारी नहीं थी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उनकी जानकारी के बिना रफाल डील का सौदा किया था उनका यह कहना था कि रफाल डील में मनोहर परिकर को कोई जानकारी नहीं थी राहुल गांधी का इतना कहना था कि उनके कुछ पत्रकार साथियों ने इस बात को बढ़ा चढ़ाकर लिखना चालू कर दिया यह सारा तमाशा देखते हुए गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पारिकर ने तुरंत राहुल गांधी को एक चिट्ठी लिखी जिसमें उसने उन्होंने इस बात का खंडन किया कि राहुल गांधी और उनके बीच में रफाल मामले को लेकर कोई वार्ता नहीं हुई थी और राहुल गांधी सरासर झूठ बोल रहे हैं राहुल और उनकी मात्र 5 मिनट की औपचारिक और पर्सनल मुलाकात हुई थी उसका रफाल से कोई लेना देना नहीं था।ा।

सारे देश को मनोहर परिकर की विश्वसनीयता पर कोई संदेश नहीं है सारा देश उनकी सादगी के बारे में अवगत हैं सारे देश को मालूम है कि वह कैंसर जैसी भयानक बीमारी से जूझते हुए भी कैसे अपनी कर्तव्यनिष्ठा का पालन कर रहे हैं सारे देश ने उनको बीमार होते हुए भी काम करते हुए देखा है सारे देश को यह भी पता है कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कोई भी गलत काम नहीं किया है ना ही कोई रिश्वत ली है इसलिए राहुल गांधी का यह कहना कि मनोहर पारिकर ने उनसे यह बात कही कि रफाल के बारे में उनको कोई जानकारी नहीं थी सरासर झूठ है और यह बात खुद राहुल भी जानते थे राहुल ऐसी झूठी बातें इसलिए कह रहे हैं कि उन्हें एक परसेप्शन बनाना है क्योंकि उन्हें मालूम है कि अगर लोकसभा चुनाव जीतना है तो उनको लोगों के मन में डाउट पैदा करना होगा कि उनके प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी भी उनकी तरह ही भ्रष्ट है भले ही उनके लिए उन्हें कितना भी झूठ बोलना पड़े पर उन्हें यह नहीं पता कि लोगों की भावना नरेंद्र मोदी को लेकर कितने आश्वस्त वो कितना भी चिल्ला ले कि चौकीदार चोर है लोग उनकी बात मानेंगे नहीं क्योंकि उन्हें पता है कि उनका चौकीदार चोर नहीं बल्कि प्योर है। हैं।।

यह पहली बार नहीं है कि राहुल गांधी की झूठ पकड़ी गई इससे पहले भी उन्होंने संसद में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान यह कहा था कि उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति से बात की है जिसमें मिशेल ने उनसे कहा था की कि अगर भारत चाहे तो विमान की कीमत को सार्वजनिक कर सकता है हालांकि इसके तुरंत बाद फ्रांस के राष्ट्रपति ने इस बात का खंडन किया और कहा कि भारत और फ्रांस के बीच र फाइल विमान की कीमत को गोपनीय रखने का समझौता भी हुआ है।

अब बात यह उठती है कि राहुल इतनी झूठ क्यों बोल रहे हैं वह बार.बार र फाइल में रिश्वत की बात क्यों कह रहे हैं इसका कारण मित्रों स्पष्ट है कि राहुल गांधी को यह पता है कि देश की जनता मानती है कि नरेंद्र मोदी एक इमानदार राजनेता है भारत के सबसे ईमानदार राजनेताओं में नरेंद्र मोदी का नाम सबसे ऊपर रखा जाता है और उनको पता है कि अगर ईमानदारी की बात आएगी तो राहुल गांधी उनके आगे एकदम नहीं ठहरते हैं राहुल ही क्यों सारे कांग्रेस के कोई भी नेता नरेंद्र मोदी के आगे नहीं ठहरते हैं इस बात को जानते हुए कांग्रेस के नेताओं ने यह दाव खेला है कि किसी तरह प्रधानमंत्री के ऊपर भ्रष्टाचार का दाग लगाया जाए इसके लिए वह बहुत कोशिश कर रहे हैं उनको सरकार के अन्य कोही कामों में कोई भी भ्रष्टाचार नहीं दिख रहा है तो उन्होंने एक ऐसा चीज को हथियार बनाने की कोशिश की जिसमें बहुत कुछ गोपनीयता बनाई जाती है गोपनीयता इसलिए बनाई जाती है कि सरकारी नहीं चाहती कि कीमत सार्वजनिक हो और विमान में कौन कौन से उपकरण लगे हैं यह भी सरकारी सार्वजनिक नहीं करना चाहती है क्योंकि इससे दुश्मन को हमारी हथियारों के बारे में पता चल जाता है और वह ठीक वैसे ही सामग्री अन्य किसी देश से लेने की कोशिश करेंगे इसलिए जब राहुल गांधी ने देखा कि अन्य कोई भी चीज में वह नरेंद्र मोदी को भेद नहीं सकते हैं तो वह रफाल के मुद्दे पर जान भुज कर कुछ भी जल व जूल बातें कर रहे हैं उसका उनका एकमात्र मकसद है किसी भी तरफ लोगों के बीच या भ्रम फैलाया जाए यह सरकार भी यूपीए की सरकार की तरह भ्रष्ट है लेकिन उनको यह मालूम नहीं है कि यह पब्लिक है यह सब जानती है

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