एनडीए (NDA) गवर्नमेंट के 55 माह और राफेल सौदा


Posted on February 9, 2019 at 10:00 AM


nda government 55 months vs congress ke 55 years and rafale deal

7 फरवरी 2019 को 16 वी लोकसभा के आखिरी सत्र में नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति के धन्यवाद प्रस्ताव में कांग्रेस के 55 साल और एनडीए के 55 महीने की तुलना की जिसे भारत के लोगों ने काफी पसंद किया। टि्वटर पर वो ट्रेड बना। मीडिया में चर्चा का विषय बना। नरेंद्र मोदी के भाषण का प्रमुख पक्ष था कि यह सरकार भ्रष्टाचार रहित है और यह सरकार गरीबों पिछड़ों मध्यमवर्गीय किसानों और सैनिकों के लिए काम करती है नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी के राफेल के झूठे बयानों पर एक बयान भी दिया कि जो लोग आज तक हर डील में दलाली खाई है उनको लगता है कि बिना भ्रष्टाचार के या दलाली के कोई काम हो नहीं सकता।

नरेंद्र मोदी ने कहा की कांग्रेस के 55 वर्षों के शासन की तुलना में पिछले 55 महीनों में हर क्षेत्र में प्रगति हुई हैं । 55 वर्षों में, स्वच्छता कवरेज लगभग 38 प्रतिशत था, हमारे 55 महीनों में यह लगभग 98 प्रतिशत तक बढ़ गया है। नरेंद्र मोदी ने कहा की  कांग्रेस के 55 साल में 12 करोड़ गैस कनेक्शन दिए गए जब की मोदी के 55 महीनों में 13 करोड़ गैस कनेक्शन दिए गए । मोदी ने कांग्रेस के कर्ज माफी के वादे को किसानों के साथ विश्वासघात बताया और दावा किया कि उनकी सरकार द्वारा घोषित नई आय-सहायता योजना गरीब गरीबों को मजबूत करेगी। मोदी ने कांग्रेस पर राफेल सौदे पर विवाद बढ़ाकर देश की वायु सेना को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा की कांग्रेस वायु सेना को मजबूत नहीं करना चाहती।

नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति के धन्यवाद प्रस्ताव के बाद ऐसा लग रहा था कि राहुल गांधी हमेशा की तरह कुछ ना कुछ झूठी अफवाहों को लेकर एक प्रेस वार्ता करेंगे और हुआ भी ठीक वही आज 10:30 बजे राहुल गांधी ने 45 मिनट की प्रेस वार्ता की यह प्रेस वार्ता उन्होंने एक अंग्रेजी अखबार में छपे लेख (वह लेख जो आधा अधूरा था इसे हिंदू के संपादक अनाराम में लिखा था पे दिया इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि रफाल में मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस नहीं चाहती थी कि प्रधानमंत्री की कार्यालय रफाल सौदों में मध्यस्थता करें हालांकि बाद में राहुल गांधी ने जो पेज दिखाएं उसे लेकर एक नया मोड़ तब आया जब पीएनआई ने उस पेज का पूरा संस्करण को सार्वजनिक किया उस पूरे संस्करण में साफ तौर पर दिख रहा था की रक्षा मंत्रालय को कोई आपत्ति नहीं थी मगर हमेशा की तरह राहुल गांधी ने एक बार फिर आधे अधूरे और मनगढ़ंत कहानी मीडिया कर्मियों को सुनाई हद तो तब हो गई जब वह मीडिया कर्मी भी उनके आधे अधूरे कहानी को सच मानकर प्राइम टाइम पर दिखाने लगते हैं।

आखिर राहुल ऐसा कर क्यों किया क्या नरेंद्र मोदी के दिए गए भाषणों से बौखलाए राहुल को कुछ ना कुछ विषय चाहिए था जिससे प्रधानमंत्री की विश्वसनीयता को आघात किया जा सके इसके लिए वह कुछ भी करने को तैयार रहते हैं पर उन्हें पता चलना चाहिए कि काठ की हांडी बार बार नहीं चढ़ती है राहुल एक परसेप्शन गेम खेल रहे थे उन्हें पता है कि भारतीय जनमानस में नरेंद्र मोदी को लेकर कुछ नाराजगी हैं पर सारे भारतीय लोग यह जानते हैं कि कुछ भी हो नरेंद्र मोदी बेईमान तो नहीं है और वह बेईमानी करें भी तो किसके लिए उसे कोई अपने पुत्र अपने भाई अपनी बीवी अपनी बहन को राजनीति में नहीं लाना है, राहुल गांधी को यह सारी बातें पता है मगर वह यह सोचते हैं कि बार-बार झूठ बोलने से शायद कुछ लोग उनकी झूठ को सच समझने लगे और इसलिए वह बार-बार रफाल का विषय उठाते हैं क्योंकि अब तक ऐसा देखा गया है कि जितने भी रक्षा सोदे हुए हैं कांग्रेस के समय में सब में कोई ना कोई दलाली की बात आई है चाहे वह जवाहरलाल नेहरू की जीप सौदा हो या राजीव गांधी के वफोर्स तोपों का सौदा हो हर् सौदा विवाद में घिरा है हर में लेनदेन का आरोप लगा है इसलिए राहुल गांधी को लगता है कि भारतीय जनमानस में भी यह भ्रम फैलाया जा सकता है कि रफाएल में भी कमीशन बाकी सारे रक्षा सौदों की तरह ली और दी गई है।

क्या राहुल के पास अच्छे मुद्दे की कमी है राहुल रोजगार के मुद्दे उठाए किसानों के मुद्दे उठाए मध्यम वर्ग के मुद्दे उठाए गरीब के मुद्दे उठाए भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाए लेकिन ऐसे मुद्दे उठाए जिसमें कुछ वास्तविकता हो जिससे लोगों की आम जिंदगी में फर्क पड़े अगर वह बार-बार ऐसे ही झूठे और अनर्गल बयानों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते रहेंगे तो उनकी विश्वसनीयता पर गहरा आघात लगेगा मैं राहुल ने शायद यह कहानी नहीं सुनी की एक लड़का था वह बार बार गांव वालों को सताने के लिए जब भी जंगल में जाता था तो जोर जोर से चिल्लाता था भेड़िया आया भेड़िया आया जब गांव वाले उसे बचाने के लिए दौड़ते तब वह कहता हा हा हा हा मैंने तो तुम्हें बेवकूफ बनाया यहां कोई भेड़िया नहीं आया ऐसा एक बार हुआ दो बार हुआ तीन बार हुआ चौथी बार लड़का फिर जंगल में गया और इस बार सही में भेड़िया आया लड़का ने खूब चिल्ला आया भेड़िया आया भेड़िया आया पर गांव वालों को लगा कि हमेशा की तरफ से बेवकूफ बना रहा है और उसकी मदद के लिए कोई नहीं आया।

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