महागठबंधन या महा ठग बंधन


Posted on February 2, 2019 at 6:00 PM


महा ठग बंधन

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और देश के पूर्व प्रधानमंत्री एवं जनता दल सेकुलर के वरिष्ठ नेता एचडी देवेगौड़ा ने एक बयान दिया क्या ऐसे चलेगा गठबंधन क्या कांग्रेस ऐसे देश चलाएगी दरसअल इसकी शुरुआत होती है पिछले साल मई के महीने में हुए कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद।

मई 2018 में कर्नाटक के विधानसभा के चुनाव हुए सारे ओपिनियन पोल और एग्जिट पोल में बताए जा रहा था की चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरेगी और सरकार भी बना सकते हैं और भाजपा काफी पीछे दूसरे नंबर पर रहेगी और जनता दल सेकुलर काफी कम सीट लेकर तीसरे नंबर पर आएगी पर हुआ ठीक इसका उलट यानी कि भाजपा सबसे ज्यादा सीट लेकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी मगर बहुमत से करीब ८ सीट दूर रही वहीं दूसरी ओर कांग्रेस काफी पीछे 72 सीट पर ही सिमिटि गयी और जनता दल सेकुलर उम्मीद के मुताबिक तीसरे स्थान पर 40 सीटों के साथ अंतिम रही पर कांग्रेस जो सारे राज्यों से वैसे ही खत्म हो चुकी थी को लगा कि कहीं यह भी एक बड़ा राज्य उसके हाथ से ना निकल जाए तो उसमें एक दाव खेला उसने एचडी कुमारस्वामी जो की एचडी देवेगौड़ा के बेटे हैं और जनता दल सेक्यूलर के अध्यक्ष भी हैं को मुख्यमंत्री बनाने का दाव खेला उन्होंने बिना किसी मुद्दे के कर्नाटका के लिए एचडी कुमार स्वामी को मुख्यमंत्री पद देने का भरोसा दिया तो सारी उम्मीदों के विपरीत एक बार फिर से एचडी कुमारस्वामी कर्नाटका प्रदेश के मुख्यमंत्री बने।

शपथ ग्रहण समारोह काफी धूमधाम से आयोजित किया गया शपथ ग्रहण में भाजपा के विरोध में जो भी पार्टी आती है उन सभी के नेता एक साथ एकत्रित हुए और कांग्रेस के कुछ दलाल पत्रकारों ने उसे महागठबंधन का नाम दिया शपथ ग्रहण समारोह में जो मुख्य राजनीतिक पार्टियों के लोग आए थे वह थी बसपा की मायावती एसपा के अखिलेश यादव राजद के तेज प्रताप यादव तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी एटीडीपी के एन चंद्रबाबू नायडू डीएमके एमके स्टालिन एनसीपी के शरद पवार और आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल इतने सारे लोगों ने एक मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह के साक्षी बने शपथ ग्रहण के बाद काफी बरी फोटो सेशन हुआ जिसमें कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी और सुश्री मायावती का आपस में काफी प्रेम दिखा और ऐसा लगा कि देश के सबसे बड़े राज्य यानी कि उत्तर प्रदेश में भी बिहार के तर्ज पर यह इतिहास दोहराया जाएगा मगर यह हो ना सका कुछ ही दिनों के बाद मायावती ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि कांग्रेस भी उतनी ही भ्रष्ट है उतनी ही छोटी पार्टियों से नफरत करती है जितनी की भाजपा है यहां तक कि उन्होंने छत्तीसगढ़ चुनाव में कांग्रेस के बागी उम्मीदवार अजीत जोगी जो की एक अलग पार्टी बनाकर चुनाव लड़ रहे थे उनको समर्थन दिया और उसी तर्ज पर मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी उन्होंने कांग्रेस के खिलाफ चुनाव लड़ा यह अलग बात है कि परिणाम आने के बाद उन्होंने कांग्रेस को बिना शर्त समर्थन भी दिया मगर फिर कुछ महीने बाद उन्होंने और सपा के नेता अखिलेश यादव ने मिलकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और यूपी में गठबंधन की घोषणा की गठबंधन का मसौदा यह तैयार हुआ कि दोनों पार्टियां यानी कि बसपा और सपा 38-38 सीटों पर लड़ेगी और 2 सीट रायबरेली जहां से श्रीमती सोनिया गांधी चुनाव लड़ती है और अमेठी जहां से श्री राहुल गांधी चुनाव लड़ते हैं कांग्रेस के लिए छोड़ेगी और 2 सीट अन्य छोटी पार्टियों के लिए के लिए छोड़ी जाएगी।

तो इस तरह मायावती और अखिलेश ने कांग्रेस को ठेंगा दिखाते हुए उत्तर प्रदेश में अधिकतर सीटों पर आपसी तालमेल का घोषणा कर दिया कांग्रेस ने भी उत्तर प्रदेश की सारी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का फैसला किया फिर कुछ दिन के बाद कोलकाता के ब्रिगेड मैदान में एक और नेता जो कि बंगाल की मुख्यमंत्री है और अपने आप को देश की भावी प्रधान मंत्री समझती है सुश्री ममता बनर्जी ने एक भव्य रैली का आयोजन किया जिसमें एक बार फिर से देश के तमाम बड़ी पार्टियों के नेता शामिल हुए सिर्फ वामपंथी दलों को छोड़कर लगभग भाजपा विरोध के और एनडीए के अलावा सारे नेता इस रैली में शामिल हुए सब ने जोरण्शोर से सिर्फ एक भाषण दिया किसी तरह मोदी को हटाओ उस रैली में किसी ने भी देश के सामने अगर उनकी सरकार बनेगी तो कौन नेता होगा क्या मुद्दे होंगे किस मुद्दे पर सरकार चलाएंगे इस विषय में कोई बात जनता को नहीं बताई सारी रैली मै एक ही नेता के विरोध में की गई थी और वह नेता थे नरेंद्र दामोदरदास मोदी।

अब सवाल उठता है की एक नेता के खिलाफ सारे लोग क्यों खड़े हो रहे हैं उत्तर साफ है जिस तरह से नरेंद्र मोदी ने अपनी कार्यशैली से भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई नोटबंदी करके कालेधन क ऊपर गहरा आघात किया और जिस तरह से उनके कुशल नेतृत्व में भाजपा न हर प्रदेश म सफलता प्राप्त कर रही है इसे देखकर सारे भ्रष्टाचारी नेताओं को अपने भविष्य की चिंता सताने लगी उन्हें लगने लगा कि अगर मोदी को नहीं हटाया गया तो हमारे कमाने खाने का क्या हमारे बाद हमारे वरसिहो का क्या हमारी सल्तनत का क्या हमारी सिंहासन का क्या क्योंकि 2017 में जब उत्तर प्रदेश के चुनाव हुए तो किसी को उम्मीद नहीं थी कि भाजपा लोकसभा चुनाव वाले कमाल उत्तर प्रदेश के विधानसभा में भी करके दिखा देंगे मगर एक बार फिर भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 405 सीटों में से 325 सीटों पर जीत हासिल की है तो विरोधी पार्टियों को साफ एहसास हो गया कि अगर वह अलग अलग लड़ेंगे तो मोदी को रोका नहीं जा पाएगा तोह जो कल तक आपस में लड़ती आ रही थी भाजपा से भी ज्यादा जिनका आपस में लड़ाई था वह आज अपनी अस्तित्व खतरे में देख कर एक दूसरे से मिलने तक तैयार होगी वही मायावती है जो कि नारा देती थी गुंडों की सरकार है उत्तर प्रदेश में जब अखिलेश यादव मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री हुआ करते थे और ठीक अखिलेश यादव मायावती को पत्थर की सरकार कहते थे आज दोनों अपने भविष्य की ओर देखकर एक हो गए उनका मकसद देश की भलाई नहीं अपनी भलाई है जनता की सेवा के लिए नहीं अपने अस्तित्व बचाने के लिए एक हो रहे हैं इनको देश से कोई मतलब नहीं है इनका एक ही मकसद है की किसी तरफ न मोदी को रोकना है क्योकि अगलग लड़ने पर मोदी को रोकना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन होगा।

यह तो हो गई गठबंधन की बात पर क्या यह प्रयोग सफल होगा अगर हम यह मान भी लें कि गठबंधन की सारी पार्टियां मिलकर भाजपा या एनडीए को बहुमत से कुछ दूर रोक लेते हैं तो फिर इनका नेता कौन होगा क्या देश एक बार फिर 1996 की गतिविधिया देखेगा जब 2 साल में दो प्रधान मंत्रियों ने कार्यभार संभाला और दोनों कुछ महीनों के बाद अपने पद स स्थापित हो गए हैं यानी कि उनसे समर्थन ले लिया गया क्योंकि यह सारी पार्टियों का कोई एक एजेंडा नहीं यह सारी पार्टी अपने अपने वजूद बचाने के लिए एक हो रहे और यह ज्यादा दूर तक नहीं चल सकते हैं आज जो कर्नाटका में हो रहा है या जो कुछ समय पहले बिहार में हुआ यही दर्शाता है कि अगर दो दलों के बीच मतभेद कह रहे हैं तो सिर्फ भाजपा को रोकने के लिए आप एक बार तो मिल कर चुनाव लड़ सकते हैं लेकिन सरकार चलाना एक टेडी खीर होगा हम आशा करते हैं कि भारतीय मतदाता गठबंधन कि पार्टियों का सारा खेल समझेंगे और अपने विवेक का इस्तेमाल करके अपना मत व्यर्थ नहीं गवाएं गे और एक ऐसी मजबूत सरकार चुनेगे जो देश का भला कर सके और देश को आगे ले जा सके जय हिंद।

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