भारत का अंतरिम बजट 2019


Posted on February 03, 2019 at 6:00 AM


Budget-2019

1 फरवरी 2019 एनडीए सरकार ने अपने पहले कार्यकाल का आखिरी बजट इसे हम अंतरिम बजट भी कह सकते हैं को संसद में पेश किया। वित्त मंत्री अरुण जेटली के अस्वस्थ होने के कारण रेल मंत्री पीयूष गोयल जिनको की वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था ने संसद में अंतरिम बजट पेश किया वैसे तो कहा जा रहा था कि यह अंतरिम बजट है इसमें कुछ खास नहीं होगा उम्मीद के विपरीत सरकार ने क ऐसा बजट पेश किया जिससे कि मध्यमवर्ग और किसानों को सबसे ज्यादा खुशी होगी आइए जानते हैं ऐसा क्या था इस बजट में जिससे कि मध्यमवर्ग और किसानों को खुशी होगी पहले हम किसानों की बात करते हैं क्योंकि विगत कुछ दिनों से हर बात में किसानों का रोना रोया जा रहा था ऐसा लगता था कि किसान अभी अभी ही गरीब हुए हैं पहले तो सारे किसान बड़े.बड़े गाड़ी में घूमते थे महंगे महंगे वस्त्र पहनते थे और महंगे खाना खाते थे उनका बुरा दिन नरेंद्र मोदी के आने के कारण शुरु हुआ है जबकि हकीकत ठीक इसके विपरीत थी किसानों की हालात देश के आजाद होने के बाद से निरंतर नीचे की ओर ही गिरते आ रही थी कि पिछले कुछ वर्षों में ही हुआ है कि सरकार के अथक प्रयासों के कारण किसानों की स्थिति में सुधार आया है आइए जानते हैं किसानों के लिए क्या खास है इस बजट में।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना। यह एक ऐसी योजना है जिस की उम्मीद विगत कुछ दिनों से लग रही थी इस योजना के अंतर्गत जो भी किसान जिसकी जमीन 2 बीघा से कम है उसे सरकार साल के ₹6000 सीधे उनके बैंक खाता में ट्रांसफर करेगी यह ट्रांसफर साल में तीन बार तो ₹2000 करके किए जाएंगे इसके अलावा किसानों के लिए ब्याज में छूट की प्रावधान किए गए हैं जो किसान ब्याज नियमित रूप से भरते हैं उनको 8 परितसत तक की छूट मिलेगी। यह योजना पिछले वर्ष यानी कि 1 दिसंबर 2018 से लागू होगी और 2000 का पहला भुगतान मार्च 2019 तक सीधे किसानों गरीब किसानों के बैंक खातों में किया जाएगा। इसके अलावा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सरकार ने ₹3000 की मासिक पेंशन देने की भी घोषणा की है ।इस योजना का लाभ १२ करोड़ किसानों को और करीब 40 करोड़ असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों को लाभ मिलेगा।

इनकम टैक्स में बदलाव। वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने मध्यम वर्ग के लोगों का सम्मान करते हुए कहा कि देश की तरक्की में मध्यम कर्म का काफी बड़ा योगदान है यह इनके दिए हुए कर के कारण ही सरकार विकास के कई बड़े बड़े काम करती हैं इसलिए इस अंतरिम बजट में मध्यम कर्म का खास ध्यान रखते हुए वित्त मंत्री ने इनकम टैक्स में काफी भारी फेरबदल किया है कर कीे न्यूनतम सीमा ढाई लाख से बढ़ाकर 500000 तक कर दी गई है जिससे कि करीब 4 करोड़ 2800000 करदाताओं को फायदा पहुंचेगा। हालांकि सरकार ने करके कर प्रतिशत में कोई बदलाव नहीं किया है जिनकी आय 500000 से जादा है उनको जितना कर पहले देते थे उतना ही कर देना पड़ेगा 5 लाख से ज्यादा कमाने वाले को टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है पर अगर आप ध्यान से देखिएगा तो 1000000 तक कमाने वाले को कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा जो कि एक बहुत बड़ी छूट है और इससे मध्यम वर्ग के लोगों को बचत करने का प्रोत्साहन मिलेगा।

हमारे देश में करीब 91 करोड़ मतदाता है जो कि 2019 में वोट डालेंगे और इस बजट ने सीधे करीब 60 करोड़ लोगों को फायदा पहुंचाया गया है और यह समाज के दो प्रमुख तबके के लोग हैं एक तो किसान दूसरे मध्यम वर्ग इसके अलावा असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूर को भी पेंशन का लाभ मिलेगा जो कि करीब 40 करोड़ लोग हैं तो कुल मिला जुला कर हम यह कह सकते हैं कि सरकार ने एक चुनावी बजट पेश किया है सरकार इससे लाख इंकार करें और कहे कि यह तो उनका कर्तव्य था ऐसा बजट पेश करना पर मैं जरूर कहूंगा कि सरकार ने इस बजट को चुनाव का ध्यान रखकर पेश किया है हालांकि हमारा यह भी मानना है कि यह कोई गलत बात नहीं है हर कोई यही करता है सबके जेहन में चुनाव का ख्याल रहता है चाहे विपक्ष हो या सत्ता पक्ष के लोग हो हर कोई अपनी तैयारी में लगा हुआ है चलिए चुनाव ही सही पर सरकार ने कुछ ऐसे कदम तो उठाईजिससे कि गरीब तबके किसान और मध्यम वर्ग तीनों वर्गों के लोगों को काफी फायदा पहुंचेगा।

इन सब के अलावा सरकार ने रक्षा बजट बढ़ा कर 3 लाख करोड़ कर दी है सरकार ने वित्तीय घाटा का लक्ष्य ३.६ रखा है इसके अलावा महंगाई दर भी 10 परसेंट से घटकर 4 पर पहुंच गई है जो कि एक काफी ही अच्छी खबर है मध्यम वर्ग और गरीब तबके के लोगों के लिए, इन सब के अलावा सरकार ने यह भी घोषणा की कि प्रोविडेंट फंड धारकों की संख्या में भी 3 गुना का इज़ाफा हुआ है यह दर्शाता है कि नौकरियाँ बढ़ रही है क्योंकि प्रोविडेंट फंड का सीधा ताल्लुक या संबंध नौकरियों से है यह उस बात का जवाब है जो कि कल एक रिपोर्ट लिक कर दी गई थी जिसमें यह कहा जा रहा था कि 45 साल में बेरोजगारी की संख्या सबसे ज्यादाबढ़ गई है सरकार ने इसका कारण दिया है कि अगर बेरोजगारी की संख्या इतनी ज्यादा है तो फिर प्रोविडेंट फंड धारकों की संख्या क्यों बढ़ रही है।

कर सीमा के अलावा इनकम टैक्स में पांच बड़े बदलाव।

पहला बदलाव जो सरकार ने किया है वह संशोधन 87a के तहत refund की सीमा २५०० से बढ़ाकर 12500 कर दी गई है यह वह राशि वह है जिसे कि आप को सरकार को देना नहीं पड़ता है उदाहरण के तौर पर अगर आपकी आमदनी 5 लाख से ज्यादा है और सारे बचत करने के बाद अगर आपको 12 हजार 500 तक का टैक्स आ रहा है तो वह आपको सरकार को नहीं देना है दूसरा जिससे कि घरेलू औरतें और सीनियर सिटीजन को फायदा होगा वह है सरकार ने बैंक और डाकघर में जमा राशि से मिलने वाली आमदनी की सीमा 10000 से बढ़ाकर 40000 कर दी गई है तो जहां पहले आपको 10000 से ऊपर के इंटरेस्ट पर टैक्स देना पड़ता था वह अब 40000 तक नहीं देना पड़ेगा इसके अलावा तीसरा चीज जिससे कि नौकरी पेशा लोगों को काफी लाभ पहुंचेगा वह स्टैंडर्ड डिडक्शन जो कि 40000 से बढ़ाकर 50000 कर दी गई हैइसके अलावा सरकार ने उन नौकरीपेशा लोगों को जिनके की एक से अधिक घर है यानी कि दो घर है उनको बड़ी राहत दी है उनको यह राहत इस रूप में मिली है कि पहले जहां उनको दूसरे घर से आने वाली आय पर कर देना पड़ता था अब उन्हें वह कर नहीं लगेगा यह खास करके उन लोगों के लिए सहायक है जिनको की नौकरी के कारण दूसरे शहर में तबादला होता रहता है और अपने बच्चों की पढ़ाई के कारण वह उन्हें बार-बार अपने साथ लेकर नहीं जा सकते हैं।

हां यह बात सच है कि सरकार ने यह बजट चुनाव को ध्यान में रखकर पेश किया है मगर यह है काफी अच्छा बजट है इसमेंसमाज के सारे लोगों का ख्याल रखा गया है चाहे वह निम्न वर्ग से आते हो मध्यम वर्ग से आते हो या फिर असंगठित क्षेत्रों से आते हैं। हम यह कह सकते हैं कि यह अंतरिम बजट है और यह फाइनल बजट नहीं है मगर फिर भी इतना तो तय है कि अगली बार सरकार चाहे जिसकी बने इस बजट को नजरअंदाज करना उनके लिए भारी होगा या मुमकिन नहीं होगा आखिरी में हम यही कहेंगे कि यह बजट काफी अच्छा बजट है और जैसे की उम्मीद की जा रही थी कि सरकारने इस बजट में सब का ख्याल रखा हे हम यह कह सकते हैं अगर इसकी तुलना हम क्रिकेट के खेल से करें तो कहना पड़ेगा कि सरकार ने मैच के आखिरी ओवर के हर गेंद पर छक्का मारा है धन्यवाद।

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